महाराष्ट्र-हरियाणा का चुनावी बिगुल, जानिए किस पार्टी का क्या है दांव पर

Sep 21 2019 10:32AM (IST)
महाराष्ट्र-हरियाणा का चुनावी बिगुल, जानिए किस पार्टी का क्या है दांव पर

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव का शनिवार को औपचारिक ऐलान हो सकता है. चुनाव आयोग के ऐलान के साथ ही दोनों राज्यों में चुनावी आचार संहिता लागू हो जाएगी. महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार है. जबकि हरियाणा में बीजेपी अपने दमपर सरकार में है. बीजेपी एक बार फिर दोनों राज्यों में कमल खिलाने की कवायद में है. वहीं, विपक्षी दल सत्ता में वापसी के लिए बेताब नजर आ रहे हैं.

हरियाणा का सियासी मिजाज

हरियाणा की कुल 90 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करीब एक करोड़ 83 लाख मतदाता करेंगे. इसमें 98 लाख 33 हजार 323 पुरुष और 84 लाख 65 हजार 152 महिला वोटर्स हैं.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में बीजेपी लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की कवायद में जुटी है. बीजेपी मिशन-75 प्लस के लक्ष्य को लेकर चल रही है. वहीं, कांग्रेस ने चुनाव से ऐन वक्त पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी शैलजा को आगे रखा है और इनके जरिए सत्ता में वापसी करने को बेताब है. कांग्रेस ने दलित-जाट कार्ड खेला है.

इसके अलावा अभय चौटाला की इनेलो और दुष्यंत चौटाला की जेजेपी के बीच दो धड़ों में बंटा चौटाला परिवार अपने राजनीतिक वजूद को बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है. वहीं, मायावती ने सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और योगेंद्र यादव की स्वराज इंडिया पार्टी भी चुनावी मैदान में हैं.

हरियाणा का समीकरण

हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 33.20 फीसदी वोट के साथ 47 सीटें जीतने में कामयाब रही थी और सत्ता की कमान पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर को सौंपी थी. जबकि कांग्रेस 24.20 फीसदी वोट के साथ 17 सीट, इनेलो 24.10 फीसदी वोट के साथ 19 सीट, बसपा 4.40 फीसदी वोट के साथ एक सीट और अकाली दल ने 0.60 फीसदी वोट के साथ एक सीट जीती थी. वहीं, 10.60 फीसदी वोट के साथ पांच सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में कामयाब रहे थे

महाराष्ट्र का सियासी माहौल

भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में चुनावी जंग फतह करने उतरी है. इस बार के चुनाव में बीजेपी-शिवसेना मिलकर किस्मत आजमा रही हैं और साथ में आरपीआई सहित कई छोटे दल भी गठबंधन में शामिल हैं. लेकिन शिवसेना और बीजेपी के बीच अभी तक सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं हो सका है. बीजेपी महाराष्ट्र में 220 प्लस सीट जीतने का टारगेट लेकर चल रही है

कांग्रेस-एनसीपी एक बार फिर मिलकर महाराष्ट्र की सत्ता में वापसी के लिए बेताब हैं. दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर फॉर्मूला भी तय हो गया है. कांग्रेस-एनसीपी ने 125-125 सीटों पर लड़ने का फैसला किया है और बाकी 38 सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ने का फैसला किया है. इसके अलावा प्रकाश आंबेडकर की बहुजन घाड़ी दलित मतों के सहारे तीसरी ताकत के रूप में उभरना चाहती है. इसके अलावा ओवैसी की पार्टी AIMIM ने मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनावी ताल ठोककर कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की नींद उड़ा दी है.

राजनीतिक समीकरण

महाराष्ट्र में कुल 288 विधानसभा सीटें हैं. 2014 के विधानसभा चुनाव के नतीजे पर नजर डाले तों बीजेपी ने 27.8 फीसदी वोट के साथ 122 सीटें जीती थीं और शिवसेना ने 19.3 फीसदी वोट के साथ 63 सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि कांग्रेस ने 18 फीसदी वोट के साथ 42 सीट, एनसीपी ने 17.2 फीसदी वोट के साथ 41 सीट पर जीत दर्ज की थी.

इसके अलावा प्रकाश आंबेडकर की बहुजन अघाड़ी पार्टी को 0.6 फीसदी वोट के साथ 3 सीटें, पीडब्लूपीआई 1 फीसदी वोट के साथ 3 सीटें और ओवैसी की पार्टी AIMIM 0.9 फीसदी वोट के साथ 2 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. समाजवादी पार्टी एक सीट और निर्दलीय 7 सीटें जीतने में कामयाब रहे थे. बता दें कि 25 सालों में पहली बार शिवसेना और बीजेपी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा और अपने दम पर कोई भी बहुमत तक नहीं पहुंच सका था. चुनाव के बाद दोनों ने एक बार फिर गठबंधन सरकार बनाई थी. इसी तरह से कांग्रेस और एनसीपी ने भी अलग-अलग चुनाव लड़ा था.

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव का शनिवार को औपचारिक ऐलान हो सकता है. चुनाव आयोग के ऐलान के साथ ही दोनों राज्यों में चुनावी आचार संहिता लागू हो जाएगी. महाराष्ट्र में बीजेपी-शिवसेना गठबंधन की सरकार है. जबकि हरियाणा में बीजेपी अपने दमपर सरकार में है. बीजेपी एक बार फिर दोनों राज्यों में कमल खिलाने की कवायद में है. वहीं, विपक्षी दल सत्ता में वापसी के लिए बेताब नजर आ रहे हैं.

हरियाणा का सियासी मिजाज

हरियाणा की कुल 90 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करीब एक करोड़ 83 लाख मतदाता करेंगे. इसमें 98 लाख 33 हजार 323 पुरुष और 84 लाख 65 हजार 152 महिला वोटर्स हैं.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में बीजेपी लगातार दूसरी बार सत्ता में आने की कवायद में जुटी है. बीजेपी मिशन-75 प्लस के लक्ष्य को लेकर चल रही है. वहीं, कांग्रेस ने चुनाव से ऐन वक्त पहले पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और कुमारी शैलजा को आगे रखा है और इनके जरिए सत्ता में वापसी करने को बेताब है. कांग्रेस ने दलित-जाट कार्ड खेला है.

इसके अलावा अभय चौटाला की इनेलो और दुष्यंत चौटाला की जेजेपी के बीच दो धड़ों में बंटा चौटाला परिवार अपने राजनीतिक वजूद को बचाए रखने के लिए संघर्ष कर रहा है. वहीं, मायावती ने सभी 90 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है. केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और योगेंद्र यादव की स्वराज इंडिया पार्टी भी चुनावी मैदान में हैं.

हरियाणा का समीकरण

हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं. 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी 33.20 फीसदी वोट के साथ 47 सीटें जीतने में कामयाब रही थी और सत्ता की कमान पार्टी ने मनोहर लाल खट्टर को सौंपी थी. जबकि कांग्रेस 24.20 फीसदी वोट के साथ 17 सीट, इनेलो 24.10 फीसदी वोट के साथ 19 सीट, बसपा 4.40 फीसदी वोट के साथ एक सीट और अकाली दल ने 0.60 फीसदी वोट के साथ एक सीट जीती थी. वहीं, 10.60 फीसदी वोट के साथ पांच सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतने में कामयाब रहे थे

महाराष्ट्र का सियासी माहौल

भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में चुनावी जंग फतह करने उतरी है. इस बार के चुनाव में बीजेपी-शिवसेना मिलकर किस्मत आजमा रही हैं और साथ में आरपीआई सहित कई छोटे दल भी गठबंधन में शामिल हैं. लेकिन शिवसेना और बीजेपी के बीच अभी तक सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय नहीं हो सका है. बीजेपी महाराष्ट्र में 220 प्लस सीट जीतने का टारगेट लेकर चल रही है

कांग्रेस-एनसीपी एक बार फिर मिलकर महाराष्ट्र की सत्ता में वापसी के लिए बेताब हैं. दोनों दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर फॉर्मूला भी तय हो गया है. कांग्रेस-एनसीपी ने 125-125 सीटों पर लड़ने का फैसला किया है और बाकी 38 सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ने का फैसला किया है. इसके अलावा प्रकाश आंबेडकर की बहुजन घाड़ी दलित मतों के सहारे तीसरी ताकत के रूप में उभरना चाहती है. इसके अलावा ओवैसी की पार्टी AIMIM ने मुस्लिम बहुल सीटों पर चुनावी ताल ठोककर कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन की नींद उड़ा दी है.

राजनीतिक समीकरण

महाराष्ट्र में कुल 288 विधानसभा सीटें हैं. 2014 के विधानसभा चुनाव के नतीजे पर नजर डाले तों बीजेपी ने 27.8 फीसदी वोट के साथ 122 सीटें जीती थीं और शिवसेना ने 19.3 फीसदी वोट के साथ 63 सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि कांग्रेस ने 18 फीसदी वोट के साथ 42 सीट, एनसीपी ने 17.2 फीसदी वोट के साथ 41 सीट पर जीत दर्ज की थी.

इसके अलावा प्रकाश आंबेडकर की बहुजन अघाड़ी पार्टी को 0.6 फीसदी वोट के साथ 3 सीटें, पीडब्लूपीआई 1 फीसदी वोट के साथ 3 सीटें और ओवैसी की पार्टी AIMIM 0.9 फीसदी वोट के साथ 2 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. समाजवादी पार्टी एक सीट और निर्दलीय 7 सीटें जीतने में कामयाब रहे थे. बता दें कि 25 सालों में पहली बार शिवसेना और बीजेपी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा और अपने दम पर कोई भी बहुमत तक नहीं पहुंच सका था. चुनाव के बाद दोनों ने एक बार फिर गठबंधन सरकार बनाई थी. इसी तरह से कांग्रेस और एनसीपी ने भी अलग-अलग चुनाव लड़ा था.

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मेष

आपके लिए आज के दिन कुछ ऐसा जरूरी है कि आप उन लोगों से दूरी बनाए रखें जो आपकी पीठ पीछे आपके लिए सिरदर्द बने हुए हैं। हो सकता है कोई व्यक्ति आपके रक्तचाप को उत्तेजित करने के लिए ऐसा तनाव पैदा करे कि आप सब काम छोड़कर उसके पीछे लग जाएं। इन बातों से आपका अपना ही समय नष्ट होगा।

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वृष

आज का दिन फायदेमंद साबित होगा इसलिए कोशिशें करते रहें। शरीर अस्वस्थ हो सकता है इसलिए खाने-पीने में सावधानी रखें। स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि कुछ समय के लिए दोस्तों की महफिल लगाने की बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान दें। आपकी आकर्षक पर्सनैलिटी के कारण लोग आपकी तरफ आकर्षित रहेंगे। शाम के समय घर पर बिताना अच्छा रहेगा।

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मिथुन

आज का दिन आपके लिए काफी उपयोगी रहेगा। निवेश से उतना फायदा नहीं मिलेगा जितना आप सोच रहे थे। ऐसे दोस्तों की सलाह ले लें जो शेयरों के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं। कई ऐसे लोगों से मुलाकात हो जाएगी जो आपको अच्छी सलाह देने के लिए आगे आएंगे।

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कर्क

अपने मौजूदा संकट को टालने के लिए आप अपने आसपास के लोगों से सलाह-मशविरा कर सकते हैं। कुछ प्रभावशाली लोग आपको ऐसा परामर्श दे सकते हैं कि एकाएक ही आपके अन्दर एक नई स्फूर्ति का संचार होगा। आपके उलझे हुए दिमाग में भी कुछ स्पष्ट तस्वीर उभर सकती है। यह सब आपके कष्ट-निवारण के लिए एक चमत्कारी संकेत हो सकता है।

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सिंह

पारिवारिक विषमताएं सिर उठा सकती हैं। मान-सम्मान भी बढ़ेगा और अप्रत्याशित लाभ की प्राप्ति भी होगी। आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतें। किसी से अनबन के कारण व्यवहार व विचारों में परिवर्तन करना होगा। आपके द्वारा किए गए कार्यों का विरोध होगा। परिवार की समस्याओं के सम्बंध में कोई गलत निर्णय लेना कठिन होगा।

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कन्या

क्लेश कार्य और झगड़े वाला गोचर आज के दिन भी जारी रहेगा। जिन लोगों पर आप भरोसा करेंगे, वही लोग आपको देखकर अपना रास्ता बदल लेंगे। यदि आपके पास यथेष्ट शक्ति और धैर्य का अभाव है तो उसे एकजुट करने में अपनी ताकत को लगा सकते हैं। अपनी लड़ाई आपको अकेले ही लड़नी होगी।

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तुला

सहज ही सभी काम समय पर बनते नजर आएंगे। अच्छे दिनों का संयोग मन को प्रफुल्लित करेगा। कार्यसाधक गतिविधियां होंगी और वित्तीय लाभ भी यथेष्ट रूप में होगा। खर्च पर नियंत्रण रखना जरूरी है। व्यापार व व्यवसाय से सम्बंधित कई अनुभव होंगे। व्यापार व व्यवसाय से जुड़े जातकों की विभिन्न क्षेत्रों में साख बढ़ेगी। यात्राएं होंगी।

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उत्सव व त्योहार में सम्मिलित होने के अवसर प्राप्त होंगे। अच्छे भोजन से स्वास्थ्य में वृद्धि होगी। मित्रों व बंधुजनों के कारण तनाव होने से घर में भी क्लेश की स्थिति पैदा हो सकती है। शुभ समाचार का आना लगातार जारी रहेगा, इसलिए वही कार्य करें, जिसके बनने की उम्मीद हो। संतान के प्रति थोड़ा चिंतित होंगे पर समझदारी से काम लें।

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आज आपको अपने काम को पूरा करने में किसी ठोस सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी। आपका अपना आत्मविश्वास ही अकेले ही इतना सबल और सक्षम बनेगा कि आप एक ही झटके में सफलता के द्वार पर खड़े होंगे। इस समय आपको कारोबार और व्यापार में अच्छा लाभ भी होगा और किसी सुनियोजित कार्य में प्रगति होने से संतोष भी मिलेगा।

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